वास्तु शास्त्र से शिक्षा {ज्ञान} को निखारें

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

Refine education knowledge from Vastu Shastra
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Refine education knowledge from Vastu Shastra : ॐ वाग्ये नमः……परीक्षा का समय नजदीक आते ही माता पिता की चिंता बच्चों की पढाई को लेकर अधिक हो जाती हैं और होना जायज भी है,विगत कुछ दिनों से मैंने देखा कि अधिकतर माता पिता अपने बच्चों की परीक्षा को लेकर अत्यधिक चिंतित तो हैं ही तनाव से भी ग्रसित हैं,अकसर माता पिता का यक्ष प्रश्न होता हैं पढाई को लेकर कुछ का कहना होता हैं कि बच्चे का मन पढाई में लगता ही नहीं हैं,तो कुछ माँ बाप बच्चों के अंदर एकाग्रता नही होने की शिकायत करते हैं,आपने कभी सोचा आपके बच्चों के अध्ययन कक्ष में वास्तु से सम्वन्धित दोष के कारण भी यह दिक्कत हो सकती.आइये आज वास्तु के अनुसार हम लोग पढ़ने के कमरे {अध्ययन कक्ष}का विश्लेषण करते हैं,जिससे आपके बच्चे को पढाई अत्यधिक मदत मिलेगी..!

Refine education knowledge from Vastu Shastra: वास्तु शास्त्र से शिक्षा {ज्ञान} को निखारें

-:अगर आपके बच्चे के कमरे में बच्चे के बहुत सारे खिलौने रखे हुवे हुए हों तो जब भी बच्चा पढ़ने में मन लगाएगा बरबस ही उसकी निगाह अपने खेल की सामान की ओर जायेगा,इसलिए खेलने की सामग्री को पढ़ने के कमरे से दूर रखें..!
-: पढ़ने के कमरे में दर्पण कभी भी न रखे,दर्पण से मन जल्दी भटकता है,और पढ़ने के कमरे में व्यायाम से सम्बन्धित कोई भी सामान न रखें..!
-:पढ़ने के कमरे का रंग बच्चों के लाभदायक ग्रहों के रंगों के अनुसार होना चाहिए,अथवा कोई भी हल्के रंग का प्रयोग कर सकते हैं..!
-:यदि संभव हों तो अध्ययन कक्ष को पूजा कक्ष के समीप वाले कक्ष को बनाएं एवं दरवाजे की स्थिति उत्तर-पूर्व या पश्चिम में रखें,अपितु दक्षिण-पूर्व,दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में न रखें इससे भ्रम उत्पन्न होते हैं..!
-:अध्ययन कक्ष के इशान कोण में पूर्व दीवाल में विद्या की देवी मां सरस्वती का चित्र/तस्वीर लगायें, इशान कोण {उत्तर~पूर्व} का तत्व जल है इसलिए जल तत्व से सम्बन्धित फोटो लगाने से ज्ञान की वृद्धि होती है..!
-:ज्ञान के तत्व को बढ़ाने के लिए बगीचे के इशान कोण में फव्वारे लगायें,एवं ज्ञान के तत्व उन्नति के लिए बैठक कक्ष के इशान कोण में मछली घर लगायें..!
-:इशान कोण ज्ञान,विवेक,शिक्षा-पढाई का कोना है,इस लिए ईशान कोण आभाव में घर के पूर्व अथवा उत्तर दिशा में बच्चों के पढ़ने के लिए अध्ययन कक्ष बनाएं..!
-:ज्ञान प्राप्ति के लिए पूर्व में एवं धन प्राप्ति के लिए दक्षिण में सोने का विधान है अत: बच्चों को पूर्व में सर रखके सोना चाहिए,एवं अध्ययन कक्ष का दरवाज जितनी देर खुला रहेगा उतनी ही उर्जा का प्रवाह होगा..!
-:इशान कोण का स्वामी गुरु होता है इसलिए ज्ञान की उर्जा को बढाने के लिए यलो {पिला} बल्ब इशान कोण में जलाएं,एवं अध्ययन कक्ष में सीलन,जाले व गंदगी नहीं हों,यह नकारात्मक उर्जा का वाहक होते है..!

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