Magh Bihu 2024: माघ बिहू विशेषांक

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

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जय नारायण की…माघ बिहू असम सहित पूर्वोत्तर भारत के अनेक राज्यों का एक प्रमुख पर्व है,उत्तर-पूर्वी राज्य में इसे बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है,जिस प्रकार सूर्य देव के उत्तरायण होने पर उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब-हरियाणा में लोहड़ी और दक्षिण भारत में पोंगल मनाया जाता है,ठीक उसी प्रकार उत्तर पूर्वी राज्य असम सहित अन्य राज्यों में माघ बिहू मनाया जाता है,पोंगल की तरह बिहू भी किसानों का त्योहार है,इस दिन पूर्वोत्तर वासी प्रकृति और भगवान को फसलों की अच्छी पैदावार के लिए आभार व्यक्त करते हैं,यह त्योहार माघ महीने मनाया जाता है,इसलिए इसे माघ बिहू के नाम से जाना जाता है.!

वर्ष 2024 में बिहू पर्व 16 जनवरी 2024 को मनाया जाएगा,असम में यह पर्व सप्ताह भर मनाया जाता है,इस उत्सव में पारंपरिक असमिया खेल जैसे टेकेली भोंगा और भैंस लड़ाई भी शामिल होती है,असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में माघ बिहू दिन किसान परिवारों के द्वारा ब्राई शिबराई देवता की पूजा की जाती है,इस दिन किसान सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मौसम की पहली फसल ब्राई शिबराई देवता को अर्पित करते हैं,यह एक सांस्कृतिक त्योहार है,इसमें गांव के लड़के और लड़कियां पारंपरिक धोती, गमोसा और अन्य रंगीन कपड़े पहन कर टोली बना कर नृत्य करते हैं.!

इस पर्व में कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं,इसमें खार, आलू पितिका, जाक और मसोर टेंगा जैसे पकवान मुख्य रूप से तैयार किए जाते हैं,आलू पितिका में उबले आलू को मसल कर, उसमें प्याज, हरी मिर्च, हरी धनिया, नमक, सरसों तेल डाला जाता है और इसे चावल, दाल, नींबू के साथ खाया जाता है, जाक में हरी पत्तेदार सब्जियां होती हैं,वहीं मसोर टेंगा में मछली के पकवान होते हैं.!
माघ बिहू के अलावा असम में बोहाग बिहू और कोंगाली बिहू भी धूमधाम के साथ मनाए जाते हैं, बोहाग बिहू बैसाख माह में आता है,वहीं कोंगाली बिहू कार्तिक माह में मनाया जाता है,जबकि माघ बिहू माघ के महीने में मनाया जाता है, इसलिए इसे माघ बिहू के नाम से जाना जाता है.!

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