Abhijit Muhurat: अभिजीत मुहूर्त

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

Abhijit Muhurat
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दिन मध्ये गते सूर्य मुहूर्ते हि अभिजित प्रभुः।
चक्रमादाय गोविन्दः सर्वान् दोषान् निकृन्तति।।
“ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री”
Abhijit Muhurat: ॐ श्री हनुमते नमः…….”सनातन धर्म में मुहूर्त का अत्यधिक महत्वा होता है,एक दिन में 30 मुहूर्त होते हैं,दिन की आरम्भता ब्रह्म मुहूर्त से होती है,तो वहीँ मध्यान समय में आने वाला अभिजीत मुहूर्त विशेष उन्नत्ति-लाभ दायक होता हैं, अगर आप नये कार्य योजना बना रहे हैं और उस पर काम करना चाहते हैं,तो अभिजीत मुहूर्त में इस कार्य की आरम्भता आपको विशेष सफलता प्रदान करती है,इसी तरह नया वहान लेना,किसी भी तरह का लेनदेन करना,व्यवसायिक गतिविधियों को आरम्भ करना अभिजीत मुहूर्त आरम्भ करना सदैव आपके लिए उन्नति प्रद रहता हैं.!
अभिजीत का सामान्य अर्थ होता है विजेता और मुहूर्त अर्थात समय,कई बार ऐसा होता है कि हमें किसी दिन कोई कार्य करना होता है तो अक्सर हम मुहूर्त देखते हैं और पता चलता है कि कोई शुभ मुहूर्त इस दिन है या नहीं यह तो पंचांग का विशेषज्ञ ही बता पाएंगे,ऐसी स्थिति में जिन्हें पंचांग की जानकारी न भी हो तो भी वे अभिजीत मुहूर्त को जानकर कार्य कर सकते हैं क्योंकि अभिजीत मुहूर्त हर दिन होता है.!

दिन मध्ये गते सूर्य मुहूर्ते हि अभिजित प्रभुः।
चक्रमादाय गोविन्दः सर्वान् दोषान् निकृन्तति।।

{भावार्थ :- नारद पुराण के इस श्लोक से यह स्वतः ही सिद्ध हो जाता है,जैसे विष्णु के सुदर्शन चक्र से सब शत्रु सामने नहीं आते ठीक उसकी प्रकार से अभिजित मुहूर्त के सामने सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं.!

अनेकों बार मेरे शिष्य पूछते हैं कि गुरुदेव जो आप नित्य प्रातः (सुबह) पंचांग भेजते हैं उसमें आप अभिजीत मुहूर्त भी लिखकर भेजते हैं लेकिन गुरुदेव क्या होता है अभिजीत मुहूर्त…?

सूर्योदय से लेकर अगले सूर्योदय तक का समय कुल 30 मुहूर्तों में विभक्त है,जिनमें से 15 सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक तथा 15 सूर्यास्त से लेकर सूर्योदय तक के हैं,इन 30 मुहूर्तों में से एक है अभिजित मुहूर्त.!

ज्योतिष विद्वानों के अनुसार अभिजीत मुहूर्त प्रत्येक दिन मध्यान्ह से करीब 24 मिनट पहले प्रारम्भ होकर मध्यान्ह के 24 मिनट बाद तक रहकर समाप्त हो जाता है,यह मुहूर्त प्रत्येक दिन के सूर्योदय के अनुसार परिवर्तित होता रहता है,अर्थात यदि सूर्योदय ठीक 6 बजे हो तो दोपहर 12 बजे से ठीक 24 मिनट पहले प्रारम्भ होकर यह दोपहर 12:24 पर समाप्त होगी,यह अवधी 48 मिनट के आप पास की होती हैं,इस मुहूर्त को आठवां मुहूर्त भी कहा जाता है,अभिजीत मुहूर्त और अभिजीत नक्षत्र एक साथ पड़ जाएं तो अत्यंत ही शुभ माना जाता है.!

क्या करें इस मुहूर्त में ..?
इस मुहूर्त में किए जाने वाले सभी कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है,अत: इस मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है,सभी शुभ कार्य जैसे किसी विशेष कार्य से यात्रा करना, किसी नए कार्य को प्रारम्भ करना, व्यापार प्रारम्भ करना, धन संग्रह करना या पूजा का प्रारम्भ करना आदि,यह मुहूर्त प्रत्येक दिन में आने वाला एक ऐसा समय है जिसमें आप लगभग सभी शुभ कर्म कर सकते हैं,सामान्य शुभ कार्य के लिए तो यह अत्यंत उत्तम है,परन्तु मांगलिक कार्य तथा ग्रह प्रवेश जैसे प्रमुख कार्यों के लिए और भी योगों को देखा जाना चाहिए,अभिजीत मुहूर्त में दक्षिण दिशा की यात्रा को निषेध माना गया है,साथ ही बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.II

नोट :- अपनी पत्रिका से सम्वन्धित विस्तृत जानकारी अथवा ज्योतिष,अंकज्योतिष,हस्तरेखा,वास्तु एवं याज्ञिक कर्म हेतु सम्पर्क करें.!

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