Chaitra Amavasya 2023: चैत्र भौमवती अमावस्या

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

Chaitra Amavasya 2023: चैत्र भौमवती अमावस्या
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ॐ पितृगणाय विद्महे,जगत धारिणी धीमहि.तन्नो पितृो प्रचोदयात्।।

Chaitra Amavasya 2023: नमो नारायण……सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व बतलाया गया हैं,चैत्र मास में पड़ने के कारण इस अमावस्या को चैत्र अमावस्या या भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं.वहीं, 21 मार्च के दिन पड़ रही यह अमावस्या मंगलवार के दिन है जिस कारण इसे भौमवती अमावस्या भी कहा जा सकता है.इस अमावस्या की धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक मान्यता है क्योंकि यह इस संवत की आखिरी अमावस्या होने वाली है.इसके अतिरिक्त इस अमावस्या तिथि पर जातकों को अपने पितरों का आशीर्वाद पाने का मौका भी मिल रहा है.जानिए इस दिन पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए किन चीजों को दान में देना शुभ माना जाता है और इस दिन कौनसे कार्य अवश्य किए जाते हैं.!

-:’Chaitra Amavasya 2023: चैत्र अमावस्या’:-

इस वर्ष चैत्र अमावस्या तिथि का प्रारंभ 22/21 मार्च की मध्य रात्रि 01 बजकर 48 मिनट पर हो रहा है जिसका समापन इसी दिन रात्रि 22 बजकर 53 मिनट पर हो जाएगा.चैत्र अमावस्या के दिन प्रातः उठकर किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने के लिए कहा जाता है,अपितु वे लोग जिनके आस-पास कोई नदी नहीं है वे मान्यतानुसार पानी में गंगाजल डालकर भी स्नान कर सकते हैं.!
जिन लोगों के जीवन में पितृ दोष लगा हो या जो लोग पितरों का आशीर्वाद पाना चाहते हों उन्हें कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखने की आवश्यक्ता होती है. इस दिन पितरों की विशेष पूजा की जा सकती है जिससे घर में सुख-शांति का माहौल बने. इसके अलावा, पितरों की शांति के लिए किया गया दान इस दिन बेहद खास माना जाता है. चैत्र अमावस्या के दिन पितरों के लिए काले तिल का दान किया जा सकता है. माना जाता है कि ऐसा करने पर पितृ दोष दूर होता है और शनि देव भी प्रसन्न होते हैं.!

भौमवती अमावस्या पर नौकरी और व्यापार संबंधी कठिनाइयों को दूर करने और तरक्की पाने के लिए वस्त्र, दूध और चावल का दान किया जा सकता है. मंगलवार के दिन पड़ने के चलते इस अमावस्या पर हनुमान पूजा करना भी बेहद फलदायी माना जाता है. इस दिन राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करना भी शुभ होता है.!

मंगलवाल के दिन पड़ने पर इस अमावस्या पर मंगल दोष दूर करने के लिए भी उपाय किए जा सकते हैं. मान्यतानुसार भौमवती अमावस्या पर मंगल बीज मंत्र ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ का 108 बार जाप करना शुभ होता है. इसके अतिरिक्ति इस दिन गुड़, घी, लाल मसूर की दाल, केसर, मूंगा, लाल वस्त्र, कस्तूरी या तांबे के बर्तन गरीब व जरूरतमंदों को दान में दिए जा सकते हैं.!

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