Budh Gochar Meen Rashi: बुध ग्रह का मीन राशि में गोचर बनेगा जड़ दोष,और आपकी राशि पर प्रभाव

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

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नमो नारायण….बुध ग्रह 7 मार्च से 25 मार्च तक मीन राशि में गोचर करेंग,मीन राशि में पहले से ही राहु ग्रह विराजमान हैं,मीन राशि में राहु और बुध की युति 18 साल बाद बन रही है,उससे पहले साल 2006 मीन राशि में दोनों ग्रहों की युति से जड़ दोष बन रहा हैं,ज्योतिष में राहु को पाप ग्रह माना गया है तो बुध को शुभ ग्रह का दर्जा प्राप्त है,बुध ग्रह नौकरी, कारोबार, तेज बुद्धि, विकास, शिक्षा आदि का कारक ग्रह माना गया है तो राहु राजनीति के कारक ग्रह हैं,ग्रहों के गोचर में परिवर्तन से मनुष्य के जीवन में अत्यधिक परिवर्तन देखने को मिलता है.30 वर्षों से भी अधिक अवधी का ज्योतिष के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले “ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री” जी से जानिए बुद्ध ग्रह के इस राशि परिवर्तन बनाने वाले जड़ से आपकी राशि पर कैसा प्रभाव पडेगा.:-

मेष राशि :- मेष राशि के जातकों के लिए बुध छोटी यात्राओं, भाई-बहनों और पड़ोसियों के तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं,छठा भाव ऋण, बीमारियों और दुश्मन को दर्शाता है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके द्वादश भाव यानी कि विदेशी भूमि, अलगाव, व्यय, अस्पताल और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप आपको इस दौरान बारहवें भाव से जुड़े क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है,संभावना है कि पेशेवर मोर्चे पर आपको करियर में कुछ चुनौतियां मिले। इस अवधि कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ गलतफहमी होने की संभावना है.!

वृषभ राशि :- वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध महाराज परिवार, धन और वाणी से जुड़े दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं,पांचवां भाव प्रेम, रोमांस और बच्चों के भाव को दर्शाता है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके एकादश भाव यानी ग्यारहवें भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप करियर के लिहाज से जो जातक मीडिया या फिल्म उद्योग से जुड़े हैं, उन्हें इस गोचर के दौरान अपने प्रयासों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे,आपको अपने काम के लिए सराहना प्राप्त होगी,वहीं जिन जातकों का खुद का व्यापार है, उन्हें लाभदायक परिणाम मिलेंगे और साथ ही, आपको कई अच्छे व शानदार अवसर भी मिलेंगे,हालांकि आपकी आर्थिक स्थिति के लिए यह गोचर बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है,बुध का गोचर आर्थिक स्थिरता को लेकर आपकी चिंता बढ़ा सकता है,आपको सुझाव दिया जाता है कि इस दौरान अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा कोई भी नया निवेश करने से बचें क्योंकि यह अवधि आपके आर्थिक जीवन को प्रभावित कर सकती है.!

मिथुन राशि :- मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध चरित्र और व्यक्तित्व से जुड़े पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं, चौथा भाव आराम, खुशी और विलासिता का भाव है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके दसवें भाव में होगा, जो पेशे और कार्यस्थल से जुड़ा है। इसके परिणामस्वरूप आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता हो सकती है,आपके लिए पेशेवर प्रतिबद्धता और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाना बहुत महत्वपूर्ण होगा,इस अवधी में काम में अधिक व्यस्त होने के कारण अपने परिवार को नज़रंदाज़ न करें क्योंकि इससे आपका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो सकता है,इस दौरान जितना हो सके, पॉज़िटिव रहने की कोशिश करें क्योंकि यह समय आपको अंदर ही अंदर असहज और असंतोष महसूस करा सकता है,हो सकता है कि आप खुद से और स्वयं के कार्यों से संतुष्ट न हों, पेशेवर जीवन में आप जो प्रयास करें, उसका मनचाहा परिणाम न मिले इस बात की भी संभावना है,जिन जातकों का खुद का व्यवसाय है, उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है,ऐसे में, आप आने वाले उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें,आपके रिश्ते में भी गलतफहमी या गलत संचार की वजह से समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके लिए आपको अत्यधिक मेहनत करने की आवश्यकता हो सकती है। आपको सलाह दी जाती है कि अपनी वाणी पर इस अवधि नियंत्रण रखें.!

कर्क राशि :- कर्क राशि के जातकों के लिए बुध बारहवें और तीसरे भाव के स्वामी हैं,तीसरा भाव व्यय, मोक्ष और कम दूरी की यात्रा, भाई-बहन के भाव को दर्शाता है,बुध गोचर आपके नौवें भाव यानी कि धर्म, पिता, लंबी दूरी की यात्रा, उच्च शिक्षा का भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप आपको विदेश यात्रा करने का अवसर प्राप्त होगा,कर्क राशि के जो जातक विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहे थे, उन्हें इस अवधि सफलता प्राप्त होगी,आपकी रुचि लेखन के पेशे में बढ़ेगी, जिसके चलते आपका झुकाव मीडिया या पत्रकारिता के क्षेत्र में अधिक हो सकता है,पेशेवर मोर्चे पर यह गोचर आपके करियर में बदलाव ला सकता है,आपका ध्यान उच्च शिक्षा ग्रहण करने या दूरस्थ यात्रा जैसे क्षेत्रों पर अधिक हो सकता है,आपकी शिक्षा और बातचीत करने का हुनर करियर को आगे ले जाने में आपके लिए मददगार साबित होगा.!

सिंह राशि :- सिंह राशि के जातकों के लिए बुध धन, परिवार और वाणी से जुड़े दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं,ग्यारहवां भाव भौतिक लाभ और इच्छा को दर्शाता है,बुध का गोचर आपके आठवें भाव यानी कि दीर्घायु, आकस्मिक घटना और गोपनीयता के भाव में होगा,इस गोचर के दौरान सिंह राशि के जातकों को अपने पेशेवर क्षेत्र में बदलाव का अनुभव हो सकता है,ऐसे में, आपको सतर्क रहने की भी सलाह दी जाती है क्योंकि कुछ अप्रत्याशित बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं,यदि आपका खुद का व्यवसाय है तो आपको हानि का सामना भी करना पड़ सकता है और आशंका है कि आपके खर्चों में भी वृद्धि हो,हालांकि, आपको प्रयास करते रहना होगा और अपनी उम्मीद बरकरार रखनी होगी क्योंकि धीरे-धीरे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा,जो लोग नौकरीपेशा हैं, उन्हें उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि आपके शत्रु या विरोधी आपको नीचा दिखाने का अवसर तलाश कर सकते हैं,ऐसे में, आपको उनसे दूरी बनाए रखने और करियर पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है,साथ ही, इस दौरान किसी से कोई भी जानकारी साझा न करें क्योंकि उसका गलत तरीके से उपयोग आपके विरोधियों द्वारा किया जा सकता है.!

कन्या राशि :- कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले भाव यानी व्यक्तित्व के भाव और दसवें भाव यानी नाम, प्रसिद्धि और मान्यता के भाव के स्वामी हैं,बुध का मीन राशि में गोचर आपके सातवें भाव यानी विवाह और साझेदारी के भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप पेशेवर मोर्चे पर यह गोचर आपके प्रयासों में चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है,जो जातक पार्टनरशिप में बिज़नेस कर रहे हैं, उन्हें इस अवधि में बहुत समझदारी से काम लेना होगा क्योंकि आपके संचार की वजह से बिज़नेस में चुनौतियां और गलतफहमियां पैदा हो सकती है तथा बिज़नेस पार्टनर से आपके संबंध भी ख़राब हो सकते हैं,ऐसे में, व्यावसायिक संबंधों में सकारात्मकता लाने के लिए अपनी बातचीत में स्पष्ट रहें अन्यथा आपको लंबे समय तक नुकसान होने के योग भी बन सकते हैं,कुल मिलाकर यह अवधि व्यवसाय करने वाले जातकों के लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रही है और आपको रणनीति या विस्तृत योजना बनाकर चलने की आवश्यकता हो सकती है.!

तुला राशि :- तुला राशि के जातकों के लिए बुध व्यय और मोक्ष से जुड़े बारहवें और नौवें भाव के स्वामी हैं,नौवां भाव आध्यात्मिकता, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा के भाव को दर्शाता है,बुध का गोचर ऋण, शत्रु और रोग के छठे भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप आपको अधिक मेहनत करने की आवश्यकता हो सकती है,आशंका है कि आपको अपने प्रयासों में उतनी सफलता प्राप्त न हो जितनी आप इच्छा रख रहे थे और इस वजह से आप चिंतित हो सकते हैं,पेशेवर मोर्चे पर आपको यह सलाह दी जाती है कि रणनीति व योजना बनाकर आगे बढ़े और अपने प्रयासों पर ध्यान दें अन्यथा आपको चुनौतियां झेलनी पड़ सकती है,तुला राशि के जातक बुध ग्रह की ऊर्जा का उपयोग जीवन की समस्याओं से बाहर आने के लिए करेंगे,इस गोचर के दौरान संचार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इसके परिणामस्वरूप कार्यस्थल में स्पष्ट व सकारात्मक बातचीत आपके करियर के विकास के लिए मददगार साबित होगा,आर्थिक रूप से भी यह समय बहुत अच्छा न रहने की आशंका है,आपके ख़र्चे बढ़ सकते हैं क्योंकि बुध बारहवें भाव के स्वामी हैं,ऐसे में, आपको सलाह दी जाती है कि अपने ख़र्चों पर नियंत्रण रखें और पैसा ख़र्च करने से पहले सोच-विचार ज़रूर करें,इस दौरान वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आवेगपूर्ण खर्च से बचना और धन के मामले में सोच-समझकर निर्णय लेना आवश्यक होगा.!

वृश्चिक राशि :- वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध ग्यारहवें और आठवें भाव के स्वामी हैं,आठवां भाव भौतिक लाभ, इच्छा और अचानक लाभ या हानि व दीर्घायु से जुड़ा है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके पांचवें भाव यानी कि प्रेम, रोमांस और संतान के भाव में होगा,करियर के मोर्चे पर, इस गोचर के परिणामस्वरूप आपकी रचनात्मकता में वृद्धि देखने को मिलेगी,साथ ही, आप अपने पेशेवर प्रयासों से खुद को आगे बढ़ाने में सक्षम होंगे,हालांकि, आपको इस दौरान जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है,आप अपने किसी रचनात्मक गुण या कला को आगे ले जा सकते हैं और उसे अपने जीवन का उद्देश्य बना सकते हैं,वित्तीय मोर्चे पर, जातकों को अचानक लाभ की प्राप्ति हो सकती है लेकिन फिर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि पांचवें भाव में बुध का कमजोर होना आपको आर्थिक जीवन में चुनौतियां भी दे सकता है इसलिए पहले से ही सावधान रहें और योजना बनाकर चलें,व्यक्तिगत मोर्चे पर इस गोचर के दौरान वृश्चिक राशि के जातकों के सामने कुछ चुनौतियां आ सकती है,आपको अपने रिश्ते में ग़लतफ़हमियों और उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है,ऐसे में, आपको अपनी बातचीत में स्पष्टता लानी होगी और धैर्य बनाए रखना होगा,आपको अपने रिश्ते में समझ और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए अपने शब्दों पर विशेष ध्यान देना होगा.!

धनु राशि :- धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं,दसवां भाव आपके साझेदारी, विवाह, नाम, प्रसिद्धि और मान्यता से जुड़ा है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके चौथे भाव यानी कि माता, घरेलू जीवन, घर, वाहन और संपत्ति के भाव में होगा,पेशेवर मोर्चे पर, इस अवधि आपके संचार कौशल में वृद्धि देखने को मिल सकती है,ऐसे में, जो जातक नेटवर्किंग, कम्युनिकेशन आदि क्षेत्र से जुड़े हैं उनके लिए यह गोचर अनुकूल साबित होगा,जिन जातकों का खुद का व्यापार हैं, उन्हें इस अवधि काम के सिलसिले से छोटी दूरी की यात्रा के अवसर प्राप्त हो सकते हैं और वे इस यात्रा के दौरान नई-नई चीज़ें सीखने में सक्षम होंगे, जो उनके विकास में मददगार साबित होगी.!

मकर राशि :- मकर राशि के जातकों के लिए बुध छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं,नौवां भाव रोग, ऋण और शत्रुओं, आध्यात्मिकता, लंबी यात्राओं और उच्च शिक्षा का भाव है,बुध का मीन राशि में गोचर छोटी यात्रा, भाई-बहन और संचार कौशल के तीसरे भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप करियर के मोर्चे पर इस दौरान आपको बातचीत में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है,जो आपके पेशेवर जीवन के लिए समस्या पैदा कर सकती है,नौकरी करने वाले लोग नेटवर्क बढ़ाने के लिए संचार पर बहुत अधिक निर्भर रह सकते हैं और उन्हें इसमें बाधाओं का सामना भी करना पड़ सकता है,ऐसे में, आपको सलाह दी जाती है कि धैर्य बनाए रखें और नए विचार को खोजने का प्रयास करें,संभावना है कि काम से संबंधित छोटी दूरी की यात्रा आपके लिए अधिक फलदायी साबित न हो.!

कुंभ राशि :- कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध प्यार, रोमांस और बच्चों से जुड़े पांचवें भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं,आठवां भाव दीर्घायु, अचानक हानि/लाभ का भाव है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके पारिवारिक धन और वाणी के दूसरे भाव में होगा,इसके परिणामस्वरूप, करियर के मोर्चे से संचार की वजह से आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है,कार्यक्षेत्र में आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी क्योंकि आपकी बातचीत का असर आपके काम में देखने को मिल सकता है,इस दौरान आपको बहुत सोच-समझकर बोलना होगा अन्यथा आपके शब्द लोगों को भावनात्मक रूप से आहत पहुंचा सकते हैं या फिर रिश्तों में ग़लतफ़हमियां पैदा हो सकती हैं,इस दौरान आपको दूसरों के सामने खुद को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने में कठिनाई आ सकती है.!

मीन राशि :- मीन राशि के जातकों के लिए बुध चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं,सातवां भाव माता, आराम और अचल संपत्ति का भाव है,बुध का मीन राशि में गोचर आपके पहले भाव यानी स्वयं, चरित्र और व्यक्तित्व के भाव में होगा,पेशेवर मोर्चे पर जातक को कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही से बचने पर ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है,आपकी रचनात्मक और अंतर्ज्ञान बहुत अच्छा रहेगा और इस वजह से आपको लोगों से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.!
आर्थिक क्षेत्र में इस अवधि में आपको बहुत अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी,आप शेयर बाजार और सट्टा बाजार में निवेश करने से बचें,साथ ही, धन के मामले में योजना बनाकर चलें,वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बजट बनाना और सावधानीपूर्वक योजना बनाना फायदेमंद रहेगा.! व्यक्तिगत मोर्चे पर इस गोचर के दौरान पार्टनर के साथ गहरा और भावनात्मक जुड़ाव महसूस हो सकता है। किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए स्पष्ट संचार की भी आवश्यकता हो सकती है,इस अवधी में आप अपनी भावनाओं को खुलकर अपने पार्टनर के सामने व्यक्त करें,साथ ही, रिश्ते में भावनात्मक गहराई और व्यावहारिकता के बीच संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दें,स्वास्थ्य के मोर्चे पर, इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए,साथ ही, ध्यान एवं योग का सहारा लेना चाहिए जिससे मानसिक स्थिति मजबूत बन सके.!

नोट :- ज्योतिष अंकज्योतिष वास्तु रत्न रुद्राक्ष एवं व्रत त्यौहार से सम्बंधित अधिक जानकारी ‘श्री वैदिक ज्योतिष एवं वास्तु सदन’ द्वारा समर्पित ‘Astro Dev’ YouTube Channel & www.vaidicjyotish.com & Facebook पर प्राप्त कर सकते हैं.II

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