Rahu Will Change Zodiac Sign: 30 अक्टूबर राहू का राशि परिवर्तन और आपकी राशि पर प्रभाव

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

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॥ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहु: प्रचोदयात॥
जय नारायण की….. वैदिक ज्योतिष में ग्रह समय-समय पर एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं,ग्रहों के मंत्रिमंडल में शनि देव सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह माने गए हैं,शनि के बाद राहु और केतु को सबसे धीमी गति से चलने वाला माना गया है,शनि ग्रह जहां ढाई वर्ष में एक राशि में भ्रमण करते हैं वहीं राहु-केतु लगभग डेढ़ वर्ष तक एक राशि में भ्रमण कर अपना फल लंबे समय तक प्रदान करते हैं,लगभग 18 माह के बाद इस वर्ष 30 अक्तूबर को राहु और केतु अपना राशि परिवर्तन कर रहे हैं,राहु इस समय मेष राशि में बृहस्पति के साथ विराजमान होकर गुरु चांडाल योग का निर्माण कर रहे हैं और 30 अक्तूबर को मेष राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे,राहु एक मायावी ग्रह है और हमेशा वक्री गति से ही चलता है,राहु के इस राशि परिवर्तन से सभी 12 राशियों के ऊपर अनुकूल और प्रतिकूल दोनों ही तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा,आइए जानते हैं सभी 12 राशियों के ऊपर राहु के राशि परिवर्तन का ज्योतिषीय विश्लेषण.!

मेष राशि :- मेष राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर अब द्वादश भाव से होगा,इस भाव से मनुष्य के खर्चे, हानि, एकांत, आध्यात्मिक यात्रा और कारावास का विचार किया जाता है,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके अष्टम भाव, आपके शत्रु भाव और आपके चतुर्थ भाव यानी माता के घर पर होगी,वैदिक ज्योतिष में द्वादश भाव में राहु का गोचर अत्यधिक अनुकूल नहीं कहा जाता है,इस भाव में विराजमान राहु के कारण यात्राओं में थकान, खर्चों में वृद्धि और पारिवारिक तनाव जैसी परिस्थितियों से आपका सामना हो सकता है.!
राहु के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु आपके खिलाफ गुप्त साजिश करेंगे,कार्यस्थल पर भी कोई अच्छी खुशखबरी आपके लिए नहीं होगी,इस समय आपके खर्च अत्यधिक बढ़ जाएंगे और आमदनी सीमित मात्रा में ही रहेगी,राहु के इस गोचर से ऐसा प्रतीत हो रहा है की मेष राशि के जातकों को मानसिक कष्ट की प्राप्ति भी संभव है,अगर आप दिल से जुड़ी बीमारी से पीड़ित है तो इस गोचर में आपको सावधान रहना होगा,आपके शरीर में चोट भी लग सकती है,इसके अलावा वैवाहिक जीवन में भी राहु के कारण थोड़े तनाव की स्थिति दिखाई पड़ रही है,इस गोचर के दौरान आपको अपनी मां की सेहत को लेकर सजग और चौकन्ना रहना होगा.।

वृषभ राशि :- वृषभ राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आपके लाभ स्थान में होगा,इस भाव में राहु का गोचर ज्योतिष की दृष्टि से बहुत ही अनुकूल कहा जाता है,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके सप्तम पंचम और तीसरे भाव पर होगी,राहु के इस गोचर से वृष राशि के जातक लंबे समय से जिस योजना पर काम कर रहे हैं वह अब फलीभूत होने की कगार पर होगी,राहु के इस गोचर से आपके अनियंत्रित खर्चों पर लगाम लगेगी,आपके परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन होगा, स्वास्थ्य की दृष्टि से भी राहु का यह गोचर आपके लिए अनुकूल रहेगा,वृष राशि के जातक राहु के इस गोचर में किसी नए कार्य का शुभारंभ कर सकते हैं.!
अगर आप काफी समय से अपने किसी बिजनेस पार्टनर के साथ कोई नई कंपनी खोलना चाहते थे तो अब यह संभव हो जाएगा,इस गोचर के दौरान आपके भाइयों और मित्रों से भी आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा,व्यापारी वर्ग के लिए राहु का यह गोचर उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा और कंपनी में अच्छा मुनाफा होगा,छात्र वर्ग के लिए या फिर जो शोध कार्यों में लगे हुए हैं उन्हें भी राहु सफलता प्रदान करने वाला होगा,राहु के इस गोचर काल में शेयर मार्केट से जुड़े जातकों को मुनाफा कमाने के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे,आप अपनी संतान को उच्च शिक्षा के लिए विदेश में भी भेज सकते हैं,काफी समय से अगर आप किसी मकान का सौदा करना चाह रहे थे लेकिन धन की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब राहु के इस गोचर में आप संपत्ति का क्रय भी कर सकते हैं.!

मिथुन राशि :- मिथुन राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आपके दशम भाव में होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके दूसरे, चतुर्थ और छठे भाव पर होगी,इस भाव में विराजमान राहु मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ फल देने का काम करेंगे,राहु के इस गोचर से कार्यस्थल पर आपका प्रभाव पड़ेगा,आपके भाग्य में वृद्धि होगी और आपका प्रमोशन भी किया जा सकता है,राजनीति और सरकारी सेवा में कार्यरत जातकों के लिए राहु का गोचर बढ़िया रहेगा,राजनीति में आपका मान और सम्मान बढ़ेगा.!
अगर आप पैतृक व्यवसाय संभाल रहे हैं तो राहु आपके धन की वृद्धि करने वाला होगा,हालांकि इस समय आपको अपनी वाणी में थोड़ी मधुरता रखनी होगी क्योंकि वाणी की कठौता रिश्तो में खटास ला सकती है,राहु के प्रभाव से आपके शत्रु बलहीन हो जाएंगे और आप उन पर विजय प्राप्त करेंगे,अगर आप कार्य क्षेत्र बदलना चाहते हैं तो राहु के प्रभाव से ऐसा संभव है,किसी नई संपत्ति को खरीद सकते हैं,पारिवारिक जीवन के लिहाज से राहु का गोचर मिला-जुला रहेगा,राहु के इस गोचर कल में आपको अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा.!

कर्क राशि :- कर्क राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आपके नवम भाव यानी कि धर्म के भाव से होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके लग्न भाव, तृतीय भाव और पंचम भाव पर होगी,राहु के इस गोचर के कारण आपको अपने कार्यों को सफल करने के लिए अत्यधिक मेहनत करनी पड़ सकती है,राहु जब भी नवम भाव से गोचर करते हैं तो व्यक्ति का जीवन एक आध्यात्मिक बदलाव से होकर गुजरता है,इस समय आपके कार्यों में हो सकता है कि कठिनाई और परेशानी आए लेकिन जैसे सोना तपकर निखरता है ठीक वैसे ही राहु भी आपको कठिनाइयों से निकलकर सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचा जाएंगे.!
राहु के इस गोचर काल में आपकी संगत कुछ गलत लोगों की हो सकती है इसलिए सज्जनों की संगति करें और अपने आसपास के माहौल पर नजर बना कर रखें,किसी भी मित्र पर अत्यधिक भरोसा करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है,इस गोचर कल में आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी,यात्राओं से आपको लाभ होगा ,जनसंचार से जुड़े मामलों में फायदा होगा और शेयर मार्केट में भी आप अच्छा पैसा बनाने में सफल रहेंगे,जो छात्र रिसर्च में लगे हुए हैं उनके लिए भी राहु सफलता के नए रास्ते खोलने वाला होगा.!

सिंह राशि :- सिंह राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर उनके अष्टम भाव से होगा,इस भाव से जीवन में होने वाली आकस्मिक घटनाओं का विचार किया जाता है,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके द्वादश भाव आपके द्वितीय भाव और आपके चतुर्थ भाव पर होगी,राहु के इस गोचर के कारण आपको आर्थिक संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है,इस समय आपको विशेष रूप से सलाह दी जाती है कि अपने ससुराल पक्ष के साथ किसी भी प्रकार का कोई आर्थिक लेनदेन न करें और किसी को अधिक धन उधार भी नहीं दें,राहु के इस गोचर के दौरान आपको अपनी वाणी पर विशेष ध्यान रखना होगा,खासतौर से अगर आप जनसंचार के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.!
इस समय आपकी वाणी की कठोरता से आपके बने बने काम बिगड़ सकते हैं,व्यापारी वर्ग के लिए राहु का गोचर आय के नए रास्ते खोलने वाला होगा हालांकि विदेशी संबंधी मामलों में आपको चतुराई से काम लेना होगा,राहु का यह गोचर आपकी नौकरी में परिवर्तन का भी संकेत कर रहा है,इस दौरान कोर्ट कचहरी के मामलों से आप दूर ही रहे तो आपके लिए अच्छा रहेगा,काफी समय से अगर आप अपनी संपत्ति बेचना चाह रहे थे तो राहु के इस गोचर में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है,ऐसे विद्यार्थी जो शोध कार्य के लिए विदेश जाना चाहते हैं उनके लिए राहु का गोचर अच्छा रहेगा,स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों से आपका सामना हो सकता है,इस दौरान अपनी आंखों का और अपने कंधों का विशेष रूप से ख्याल रखें.!

कन्या राशि :- कन्या राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर सप्तम भाव से यानी की पत्नी और साझेदारी के भाव से होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके लाभ स्थान आपके लग्न स्थान और आपके तीसरे भाव पर होगी,राहु का यह गोचर आपके लिए शुभ और अशुभ दोनों प्रभाव देने वाला रहेगा,इस समय आपको अपनी पत्नी की सेहत को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता है,आपको सलाह दी जाती है कि आपका वैवाहिक जीवन में आप किसी भी तनाव को उपस्थित नहीं होने दें और ससुराल पक्ष के साथ किसी भी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं करें,व्यापारी वर्ग के लिए राहु का यह गोचर नई कंपनी शुरू करने वाला, धन की व्यवस्था करवाने वाला और आय में वृद्धि करने वाला रहेगा.!
इस समय आपके मित्र आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे,हालांकि राहु की दृष्टि लग्न भाव पर भी आ रही है इसलिए कार्यों में देरी होना और शरीर में आलस की वृद्धि होना यह दो अवगुण आपके चरित्र में देखे जा सकते हैं,अगर परिवार में कोई पैतृक संपत्ति का विवाद चल रहा था ,अगर भाई बहनों के साथ कोई मनमुटाव था तो राहु का यह गोचर आपको उन सब मामलों से बाहर निकलने का काम करेगा,आपका जीवन एक नई व्यवस्था में जाएगा,हालांकि उस व्यवस्था को स्वीकार करने में आपको समय लगेगा लेकिन अंतोगत्वा राहु के इस गोचर से आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम आएंगे जो भविष्य में आपके लिए सुखद होंगे.!

तुला राशि :- तुला राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आपके छठे भाव यानी कि शत्रु भाव से होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके दशम, द्वादश और तृतीय भाव पर होगी,छठे भाव में राहु का गोचर व्यक्ति की हर मनोकामना को पूर्ण करने वाला माना गया है,चूंकि ग्रहों के मंत्रिमंडल में राहु खुद एक पाप ग्रह है इसलिए शत्रु भाव में आकर राहु अपने प्रभाव को बहुत अधिक बढ़ा देता है, राहु का गोचर तुला राशि के जातकों के लिए सबसे पहले तो उनकी नौकरी को बदलवाने का काम करेगा,काफी समय से आप अच्छी नौकरी की तलाश में हैं और आप की तलाश पूरी हो जाएगी,इसके अलावा आपके वैवाहिक जीवन में जो तनाव निराशा और अंधकार के बादल थे वह धीरे-धीरे हट जाएंगे,आपको बृहस्पति का शुभ फल प्राप्त होगा.!
राहु के इस गोचर से आप अपने शत्रुओं का संपूर्ण नाश करने में समर्थ होंगे और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर अच्छा होगा,कार्यस्थल पर आपका मान सम्मान होगा,आपको नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी और आप उन जिम्मेदारियां का अच्छे तरीके से निर्वहन करेंगे,अगर आप अपने पिता के काम को संभालते हैं तो आप उनके व्यापार को ऊंचाइयों पर लेकर जाएंगे,विदेश में कारोबार कर रहे जातकों को राहु का यह गोचर अच्छी सफलता देने वाला रहेगा,ज्योतिष, धार्मिक कर्मकांड, तंत्र-मंत्र से जुड़े जातकों को राहु का यह गोचर अच्छी प्रसिद्धि देने वाला रहेगा.अगर आप लेखक हैं, मीडिया से जुड़े हुए हैं या फिर राजनीतिक सलाहकार हैं तो भी राहु का यह गोचर आपकी बुद्धि में वृद्धि करेगा,तुला राशि के जातकों को राहु के इस गोचर से कुछ ऐसे स्थानों से भी धन प्राप्त हो सकता है जिसकी आपने कभी उम्मीद नहीं की होगी,आप अपने परिवार पर अच्छा धन खर्च करेंगे और इस समय राहु के इस गोचर से आपको न सिर्फ परिवार में बल्कि समाज में भी अच्छा मान सम्मान प्राप्त होगा.!

वृश्चिक राशि :- वृश्चिक राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर अब पंचम भाव से होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके नवम भाव यानी कि भाग्य स्थान पर, आपके लाभ स्थान पर और आपके लग्न स्थान पर होगी,राहु के इस गोचर के कारण आपको आपके प्रेम संबंधों में बहुत समझदारी के साथ आगे बढ़ना होगा,इस समय इस बात की पूरी संभावना है कि आपका प्रेमी आपके साथ कुछ अप्रिय कर सकता है,विद्यार्थी वर्ग को अपनी संगत की ओर ध्यान देना होगा,किसी भी प्रकार के बुरे लोगों की संगत आपके भविष्य के लिए हानि कारक साबित हो सकती है.!
अगर आप शेयर मार्केट में पैसा लगाते हैं तो किसी फाइनेंस एक्सपर्ट की सलाह पर ही पैसा लगाए, इस समय आपके कार्यों में आपको थोड़ी रुकावट महसूस होगी,भाग्य का साथ आपको काम मिलेगा हालांकि व्यापारी वर्ग के लिए राहु का यह गोचर एक से अधिक स्रोत बनाने का कार्य भी कर सकता है, अगर आपके पारिवारिक जीवन के लिहाज से देखें तो राहु का यह गोचर थोड़ा मानसिक कष्ट देता हुआ दिखाई पड़ रहा है,अगर आपको पेट से जुड़ी कोई बीमारी है तो समय-समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना उचित रहेगा.!

धनु राशि :- धनु राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर अब आपके चतुर्थ भाव में होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके अष्टम, दशम और द्वादश भाव पर होगी,चौथे भाव को वैदिक ज्योतिष में केंद्र की संज्ञा दी गई है इसलिए किसी भी पाप ग्रह का गोचर चौथे भाव में विपरीत परिणाम देने वाला ही माना जाता है,राहु के इस गोचर के कारण धनु राशि के जातकों के मानसिक कष्ट में वृद्धि हो सकती है, छोटी-छोटी बातों को लेकर आप अत्यधिक गहन चिंतन में जा सकते हैं जिसके कारण आपकी मानसिक शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा,अष्टम भाव पर राहु की दृष्टि वैवाहिक और व्यापारिक दृष्टि से उचित नहीं जान पड़ती,राहु के गोचर के कारण अचानक से कोई स्वास्थ्य कष्ट या कोई दुर्घटना जैसी चीज सामने आ सकती है.!
दशम भाव पर राहु का प्रभाव कार्य स्थल पर आपके शत्रुओं के द्वारा परेशान किया जाना दिख रहा है,इस दौरान आपको यह सलाह दी जाती है कि आप किसी भी व्यक्ति पर अत्यधिक भरोसा ना ही करें तो अच्छा है,छात्र वर्ग के लिए भी राहु का गोचर सरकारी और सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाला हो सकता है,राहु के कारण विदेश यात्राओं में बाधा हो सकती है,व्यापारी वर्ग को धन की कमी से परेशान होना पड़ सकता है,अगर आप आयात निर्यात से जुड़े हैं तो आपको मुनाफे में कमी दिखाई पड़ सकती है,राहु के इस गोचर के कारण आपका पारिवारिक माहौल तनावपूर्ण हो सकता है.!

मकर राशि :- मकर राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर अब आपके तीसरे भाव में होगा जिसे साहस और पराक्रम का भाव कहा जाता है,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके सप्तम भाव नवम भाव और लाभ स्थान पर होगी,मकर राशि के स्वामी शनि होते हैं और वैदिक ज्योतिष के नियम के अनुसार राहु को शनि के समान ही फल देने वाला कहा गया है,इसलिए मकर राशि के जातकों के लिए जब राहु गोचर में योग कारक होते हैं तो वह अपने शुभ फलों में अत्यधिक वृद्धि करते हैं,राहु का यह गोचर मकर राशि के जातकों के जीवन में बहुत अत्यधिक बदलाव लेकर के आने वाला है,इस समय आपकी यात्राएं अधिक होगी और उन यात्राओं से लोग आपको पहचानेंगे,आपका सम्मान होगा और आपके लेखन में एक अलग ही प्रकार का रस उत्पन्न हो जाएगा,तकनीक पूरी तरीके से आपके पक्ष में रहेगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आप बहुत अच्छा फायदा उठाने वाले हैं.!
जिन जातकों का विवाह नहीं हुआ है उनके विवाह की संभावनाएं बनेगी,आपके जनसंचार और वाणी कौशल में एक अभूतपूर्व विस्तार राहु का यह गोचर देने वाला है,राहु का यह गोचर धार्मिक दृष्टि से भी आपके जीवन में परिवर्तन लाने वाला होगा,अलग-अलग धार्मिक स्थानों की यात्राएं होंगी,नाना प्रकार के साधु संतों से आपकी मुलाकात जीवन के प्रति आपके नजरिए को बिल्कुल बदल कर रख देगी,व्यापार में आप सफलता के कदम चूमने वाले है,परिवार के लोग पूरी तरीके से आपका निर्णय के साथ खड़े होंगे,ऐसे जातक जो प्रॉपर्टी का रियलस्टेट का कारोबार करते हैं या फिर अपना खुद का होटल या रेस्टोरेंट चला रहे हैं उनके व्यापार में बहुत अत्यधिक पैसा बरसने वाला है,अगर आप खिलाड़ी हैं तो राहु के इस गोचर से आपको सफलताएं प्राप्त होगी,आप अनेक टूर्नामेंट में अपनी टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे,इसके अलावा आपकी मानसिक दक्षता को भी राहु बढ़ा देगा, जो जातक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है या तकनीक और लेखन का मिश्रण अपने जीवन में करना चाह रहे हैं राहु उनके लिए रास्ते खोलने का कार्य करेगा.!

कुंभ राशि :- कुंभ राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आपके दूसरे भाव यानी की धन स्थान से होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके छठे भाव, अष्टम भाव और दशम भाव पर होगी,कुंभ राशि का स्वामी शनि है इसलिए राहु इस राशि के जातकों के लिए गोचर में विपरीत परिणाम लेकर के नहीं आएगा,राहु के गोचर के कारण आपको पारिवारिक संपत्ति प्राप्त होने के योग दिखाई दे रहे हैं,हालांकि, आपको अपने व्यवहार में थोड़ी और अधिक कार्य कुशलता लाने की आवश्यकता है,अपनी वाणी को अगर मधुर करेंगे तो आपके काम और आसानी से होंगे,काफी समय से आपके शत्रु आपको परेशान कर रहे थे तो राहु की कृपा से आप अपने शत्रुओं का मर्दन करने में समर्थ होंगे,हालांकि, हृदय रोग से जुड़ी कोई बीमारी अगर आपको है तो आपको उसमें सावधान रहना होगा.!
अगर आप खिलाड़ी हैं तो खेल के मैदान में आपका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा,राजनीति मीडिया जनसंचार सिनेमा और लेखन से जुड़े लोगों को राहु अच्छा खासा फायदा देने वाला है,खासतौर से अगर आप लेखक हैं तो इस समय आपकी किताब पब्लिश भी हो सकती है और उससे आपको अच्छी खासी प्रसिद्धि भी प्राप्त होगी,राहु के इस गोचर से कुंभ राशि के जातकों को उनके कार्य क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलेगी,काफी समय से आप कोई नई कंपनी शुरू करना चाह रहे थे तो उसके लिए धन की व्यवस्था भी होगी,इसके अलावा अपने परिवार के लोगों का सहयोग भी आपको प्राप्त होगा.!

मीन राशि :- मीन राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर आपके पहले भाव से होगा,इस भाव में विराजमान राहु की दृष्टि आपके पंचम, सप्तम और नवम भाव पर होगी,राहु के इस गोचर से काफी समय से चली आ रही आर्थिक तंगी अब खत्म होगी और आपको अपने समाज में अच्छा मान सम्मान प्राप्त होगा,पिछले कुछ सालों से कुछ लक्ष्य प्राप्ति के लिए आप जो प्रयत्न कर रहे थे उनके फलीभूत होने का समय अब इस गोचर में आएगा,राहु के गोचर के कारण आपको यात्राओं से प्रसिद्धि प्राप्त होगी,आपको अपने भाइयों और मित्रों से धन प्राप्त होगा और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को सफलता प्राप्त होने की उम्मीद है.!

जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा है उनके विवाह होने की संभावना बनेगी,आपके जीवन में कर्म और धर्म का एक अद्भुत मेल होगा और धार्मिक यात्राओं में साधु संतों की संगत आपको अपने जीवन के प्रति एक नए नजरियों को देने का कार्य करेगी,अपनी पत्नी के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए भी जा सकते हैं,वैवाहिक जीवन में भी खुशियों का संचार होगा और आनंदमय जीवन रहेगा.!

– – – :”राहु स्तोत्र”:- – –
राहुर्दानवमंत्री च सिंहिकाचित्तनन्दन:।
अर्धकाय: सदा क्रोधी चन्द्रादित्य विमर्दन: ॥1॥
रौद्रो रूद्रप्रियो दैत्य: स्वर्भानु र्भानुभीतिद:।
ग्रहराज सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुक:॥2॥
कालदृष्टि: कालरूप: श्री कंठह्रदयाश्रय:।
बिधुंतुद: सैंहिकेयो घोररूपो महाबल:॥3॥
ग्रहपीड़ाकरो दंष्टो रक्तनेत्रो महोदर:।
पंचविंशति नामानि स्मृत्वा राहुं सदानर:॥4॥
य: पठेन्महती पीड़ा तस्य नश्यति केवलम्।
आरोग्यं पुत्रमतुलां श्रियं धान्यं पशूंस्तथा॥5॥
ददाति राहुस्तस्मै य: पठेत स्तोत्र मुत्तमम्।
सततं पठते यस्तु जीवेद्वर्षशतं नर:॥6॥
॥ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: ॥

नोट :- अपनी पत्रिका से सम्वन्धित विस्तृत जानकारी अथवा ज्योतिष,अंकज्योतिष,हस्तरेखा,वास्तु एवं याज्ञिक कर्म हेतु सम्पर्क करें…!

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