Ashadha Pitrikaryeshu Amavasya: आषाढ़ पितृकार्येषू अमावस व उपाय

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

Ashadha Amavasya
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ॐ पितृगणाय विद्महे,जगत धारिणी धीमहि,तन्नो पितृो प्रचोदयात्.।
Ashadha Pitrikaryeshu Amavasya: ॐ पित्रेभ्य नमः …ज्योतिष में अमावस्या का बहुत महत्व है,कहते हैं अमावस्या पर कुछ उपायों को करके आप पितृदोष को शांत कर सकते हैं,यही नहीं अमावस्या पर कुछ ऐसे भी उपाय हैं जिनसे आपके काम में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और आपके घर में दरिद्रता का नाश होता है.!
वर्ष 2023 में शनिवार 17 जून को आषाढ़ पितृकार्येषू अमावस है,शास्त्रों के अनुसार पितृकार्येषू अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए किए गए कब्य कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं.इस दिन दान करना अतिशुभ माना जाता है.पितृकार्येषू अमावस्या के दिन दान करने का सर्वश्रेष्ठ फल कहा गया है.देव ऋषि व्यास के अनुसार इस तिथि में स्नान-ध्यान करने से सहस्त्र गौ दान के समान पुन्य फल प्राप्त होता है.इस के अतिरिक्त इस दिन पीपल की परिक्रमा कर, पीपल के पेड और श्री विष्णु का पूजन करने का नियम है.दान-दक्षिणा देना शुभ होता है. भौमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में हरिद्वार, प्रयाग आदि तीर्थ स्थलों और पवित्र नदियों पर स्नान करने का विशेष महत्व होता है.!

-:’Ashadha Pitrikaryeshu Amavasya: आषाढ़ अमावस शुभ मुहूर्त’:-

अमावस्या तिथि प्रारंभ : शनिवार 17 जून 2023 पूर्वाह्न 09 बजकर 12 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त : रविवार 18 जून 2023 पूर्वाह्न 10 बजकर 07 मिनट पर
नोट -: शनिवार 17 जून 2023 आषाढ़ पितृकार्येषू अमावस तथा रविवार 18 जून 2023 तीर्थ स्नानदानादि हेतु आषाढ़ अमावस्या तिथि रहेगी.!

ज्योतिष अनुसार अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य पर राहु की दृष्टि पड़ रही है या सूर्य और राहु की युति है तो पितृ दोष बनता है,कुंडली में जब राहू-सूर्य साथ हो या राहु पंचम भाव में हो या सूर्य राहु के नक्षत्र में हो या पंचम भाव का उप नक्षत्र स्वामी राहु के नक्षत्र में हो तो पितृ दोष बनता है,आषाढ़ पितृकार्येषू अमावस इस वर्ष 17 जून को है,आप भी अमावस्या पर निम्न उपाय करें.!

01.अमावस्या के दिन अपने पितरों का स्मरण करते हुए पीपल के पेड़ पर दूध,में गंगाजल,काले तिल,जौ,चावल, मिलकर अर्पण करें.!

02.अमावस्या के दिन,सूखा अनाज मंदिर अथवा ब्राह्मण को दान देने से दरिद्रता दूर होती हैं.!

03.प्रत्येक अमावस्या के दिन दक्षिणा की तरफ मुंह करके पितरों को तर्पण करना चाहिए.!

04.इस दिन मंदिर में पीला झंड़ा दें और इसे मंदिर में लगवाएं,इससे आपके काम में आने वाली बाधाएं दूर होंगी.!

05.अमावस्या के दिन खीर बनाएं और निर्धनों को खीर खिलाएं,इससे पितृ खुश होंगे और आपके समस्त मनोरथ पूर्ण हो जायेंगे.।

-:Ashadha Pitrikaryeshu Amavasya: आषाढ़ पितृकार्येषू अमावस विशेष उपाय:-

-:इस दिन काली चींटियों को शकर मिला हुआ आटा खिलाएं,ऐसा करने से आपके अपकर्मों का क्षय होगा और पुण्य-कर्म उदय होंगे,यही पुण्य-कर्म आपकी मनोकामना पूर्ति में सहायक होंगे.!
-:इस दिन कालसर्प दोष निवारण हेतु सुबह स्नान के बाद चांदी से निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें,सफेद पुष्प के साथ इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें,कालसर्प दोष से राहत पाने का ये अचूक उपाय है.!
-:बेरोजगार व्यक्ति अगर अमावस्या की रात ये उपाय करें तो निश्चित ही उसे रोजगार प्राप्त होगा.इसके लिए 1 नींबू को साफ करके सुबह से ही अपने घर के मंदिर में रख दें,फिर रात के समय इसे 7 बार बेरोजगार व्यक्ति के सिर से उतार लें और 4 बराबर भागों में काट लें,फिर एक चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में इसको फेंक दें,इस उपाय से बेरोजगार व्यक्ति को लाभ की संभावना बनेगी..!
-: जिसे कालसर्प दोष हो, उन व्यक्तियों को अमावस्या के दिन किसी अच्छे पंडित से अपने घर में शिवपूजन एवं हवन करवाना चाहिए.!
-: शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं,बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें,साथ ही दीये में थोड़ी-सी केसर भी डाल दें,यह मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का उपाय है.!
-:अमावस्या वाली रात्रि को 5 लाल फूल और 5 जलते हुए दीये बहती नदी के पानी में छोड़ें.इस उपाय से धन का लाभ प्राप्त होने के प्रबल योग बनेंगे.!
-:अमावस्या की रात्रि अगर आप काले कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाते हैं और उसी समय वह कुत्ता यह रोटी खा लेता है तो इस उपाय से आपके सभी दुश्मन उसी समय से शांत होना शुरू हो जाएंगे.!
-:इस दिन शराब आदि नशे से भी दूर रहना चाहिए। इसके सेवन से आपके शरीर और भविष्य पर भी दुष्परिणाम हो सकते हैं.!

नोट :- अपनी पत्रिका से सम्वन्धित विस्तृत जानकारी अथवा ज्योतिष, अंकज्योतिष,हस्तरेखा, वास्तु एवं याज्ञिक कर्म हेतु सम्पर्क करें.!

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