Shani Vakri Gochar: शनि ग्रह वक्री और आपकी राशि पर प्रभाव

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

शनि ग्रह वक्री और आपकी राशि पर प्रभाव
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नीलांजना समाभासं रविपुत्रम यमराजन.!
छाया मार्तंड संभुतम, तम नमामि शनैश्चरम.II

Shani Vakri Gochar: ॐ शनि शनिस्चराये नमः ..वैदिक ज्योतिष में शनिदेव को न्याय और कर्म का कारक ग्रह माना गया है,वर्तमान में शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुम्भ में गोचर कर रहे हैं,शनिवार 17 जून 2023 की रात्रि 22 बजकर 52 मिनट पर शनि कुंभ राशि में वक्री होंगे तथा शनिवार 4 नवंबर, 2023 को मध्याहन 12 बजकर 35 मिनट पर लगभग 139 दिन बाद पुनः मार्गी हो जाएंगे.शनि देव के वक्री होने से सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव होगा,आइए समझते हैं कि आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव होगा.?

मेष राशि -:- इस राशि के जातकों के लिए शनि देव एकादश भाव में वक्री होंगे,इस भाव में वक्री होना इस राशि के जातकों को अच्छा मुनाफा देने का काम करेगा,शनि देव की कृपा से इस समय व्यापार में मुनाफे की स्थिति वहीं मित्रों से सहयोग के योग दिखाई दे रहे हैं.शोध कार्य में लगे हुए जातक इस समय अच्छा परिणाम देने में समर्थ होंगे,बैंकिंग और मशीन के काम से जुड़े जातकों को कुछ नया करने को मिल सकता है,इस समय आपके सीनियर आपके ऊपर कृपा बनाकर रखने वाले हैं,इस समय आपको सलाह दी जाती है कि जो भी काम अटके हुए हैं वो 17 जून से 4 नवम्बर के बीच खत्म करने की कोशिश करें.।

वृष राशि -:- इस राशि के जातकों के लिए शनि देश दशम भाव में वक्री होंगे,शनि देव के वक्री होने से आपको कार्य स्थल पर कुछ समस्या का सामना करना पड़ सकता है,इस समय आपको कार्यों में थोड़ा विलम्ब दिखाई देगा,अपने परिवार के किसी सदस्य की सेहत को लेकर आपको दिक्क्त हो सकती है,सरकारी कामों से जुड़े जातक धन की कमी से थोड़ा परेशान हो सकते हैं,इस समय आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी प्रकार का निवेश सोच समझकर करें.।

मिथुन राशि -:- इस राशि के जातकों के लिए शनि नवम भाव में वक्री होने वाले हैं,शनि के प्रभाव से अब आपके कार्यों में थोड़ा विलम्ब हो सकता है,इस समय आपको अपने पिता के साथ कुछ मतभेद का सामना करना पड़ सकता है,शनि के वक्री होने से आपको यात्रा में व्यावधान भी देखने को मिल सकते है,इस समय लाभ के मामले में थोड़ी कमी आ सकती है,जो जातक स्वयं का व्यापार कर रहे हैं उन जातकों को अपने सहयोगियों के साथ अच्छा बर्ताव करना होगा.।

कर्क राशि -:- इस राशि के जातकों के लिए शनि देव अष्टम भाव में वक्री होंगे,शनिदेव के इस भाव में वक्री होने से आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा,इस समय आपको सलाह दी जाती है कि आप किसी भी निवेश को सोच समझकर ही करें,इस समय आपको धन की कमी महसूस होगी,कार्यस्थल पर आपके शत्रु आपको परास्त करने के नए तरीके खोजने वाले हैं,इस समय अपनी वाणी पर संयम रखना होगा,अपने प्रेम संबंधों में किसी भी प्रकार के तनाव को आने से रोकना होगा.!

सिंह राशि -:- सिंह राशि के जातकों के लिए शनि का वक्री होना शुभ संकेत हैं,धन लाभ और जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा,आय के नए-नए स्त्रोत आपको मिलेंगे जिसका आप भरपूर फायदा उठाने में कामयाब रहेंगे,पुराने मामलों में चल रहे वाद-विवाद का निपटारा जल्द संभव है,काम के सिलसिले में आप विदेश की यात्रा कर सकते हैं.।

कन्या राशि -:- कन्या राशि के लिए शनि कुंभ राशि में वक्री होने से आपके छठे भाव में रहेंगे,इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान देना होगा क्योंकि आपकी कोई पुरानी बीमारी दोबारा से उभर सकती है इस दौरान आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी लेकिन नौकरी के सिलसिले में विदेश जाने के योग भी बन सकते हैं,यदि न्यायालय में कोई मामला लंबित है तो उसके थोड़ा और आगे बढ़ने की संभावना रहेगी,आपको कुछ ज्यादा प्रयास करने के बाद कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी,भाई बहनों से संबंध खराब सकते हैं,वाहन चलाते समय सावधानी रखें,आपको उदर रोग या छाती से संबंधित समस्या ज्यादा परेशान कर सकती है,कोई पुरानी संपत्ति आपको मिल सकती है.धीरे-धीरे वाद विवादों में भी विजय प्राप्त होने लगेगी.।

तुला राशि -:- तुला राशि के जातकों के लिए शनि का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं होगा. करियर में ऊंचाईयों को प्राप्त करने में सफल होगा,कार्यस्थल पर आपको उन्नति मिलेगी जिससे आपका वहां पर मान-सम्मान में वृद्धि होगी,भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा जिससे आपको पुरानी असफलताएं अब सफलताओं में परिवर्तन का समय आ गया है,परिवार में कोई धार्मिक आयोजन किया जा सकता है.!

वृश्चिक राशि -: वृश्चिक राशि में चतुर्थ भाव में वक्री शनि का प्रभाव होगा,इस गोचर के प्रभाव से पारिवारिक जीवन में कुछ अशांति बढ़ सकती है,पारिवारिक सदस्यों का स्वास्थ्य भी इस दौरान विशेष ध्यान देने योग्य स्थिति में होगा,विशेष रुप से आपको अपनी माता जी के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क होना पड़ सकता है,पारिवारिक जमीन जायदाद को लेकर कोई झगड़ा होने की संभावना बन सकती है इसलिए इस दौरान वाद विवाद ना बढ़े तो बेहतर रहेगा और उसके लिए आपको धैर्य से काम लेना होगा लेकिन इसी दौरान आप कोई नई संपत्ति खरीदने की दिशा में भी प्रयास कर सकते हैं,कार्य क्षेत्र में स्थिति आपके पक्ष में रहेगी,आप पूरी मेहनत से अपना काम करेंगे जिससे नौकरी में आपकी स्थिति प्रबल होने लगेगी,व्यापार में लाभ के योग बनेंगे और आपका व्यापार उन्नति करेगा,शादीशुदा जातकों को कुछ तनाव का सामना करना पड़ सकता है,हालांकि यह भी अच्छा है कि आप दोनों आपसी समझदारी दिखाते हुए हर चुनौती का सामना कर पाएंगे.।

धनु राशि -:- धनु राशि शनि कुंभ राशि में वक्री होकर धनु राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण परिणाम लेकर आएंगे,आपको कुछ क्षेत्रों में अप्रत्याशित परिणाम प्राप्त होंगे जिनकी आप ने कल्पना भी नहीं की थी,आपके सहकर्मी कार्यक्षेत्र में आपको पूरा समर्थन देंगे जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति प्रबल होने लगेगी,आप अपने दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताएंगे और उनके सुख-दुख की सुध लेंगे, उनके साथ आपके संबंध मधुर बनेंगे और उनके प्रयासों से आपको अपने व्यापार में और कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी,भाई बहनों से थोड़े बहुत तनाव के बीच प्रेम बढ़ेगा और आप उनकी मदद करते नजर आएंगे। हालांकि उन्हें कुछ निजी समस्याएं हो सकती हैं,इस अवधि में आपकी छोटी यात्राओं की स्थितियां बनेंगी लेकिन यात्राएं शुभ हों इसका आपको ध्यान रखना होगा,विद्यार्थियों को शिक्षा में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी और आप मन लगाकर पढ़ाई कर पाएंगे। आपकी मेहनत आपको आपकी शिक्षा में अनुकूल सफलता प्रदान करेगी.।

मकर राशि -:- मकर राशि शनि कुंभ राशि में वक्री होने से आपके दूसरे भाव में रहेंगे,इस दौरान आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा क्योंकि आप लोगों को भला बुरा बोल सकते हैं और इतना कड़वा बोल सकते हैं कि वह लोगों को हजम नहीं होगा और इससे आपके रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं, ना केवल निजी जीवन में बल्कि बाहरी जीवन में भी आपको इस बात का ध्यान रखना होगा,हालांकि आर्थिक मोर्चे पर यह गोचर आपको अच्छे परिणाम प्रदान करेगा,आप बचत कर पाएंगे,यदि कोई संपत्ति आप विक्रय करना चाहते थे और वो नहीं हो रही थी तो अब इस अवधि में वह हो जाएगी और उसका आपको अनुकूल प्रतिफल मिलेगा,जीवनसाथी को स्वास्थ्य समस्याओं का योग बन सकता है,यदि आप किसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं या कोई आपको छोड़कर चला गया है तो वह एक बार फिर आपके जीवन में लौट सकता है.।

कुंभ राशि -:- कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि कुंभ राशि में वक्री का मुख्य प्रभाव प्राप्त होगा क्योंकि शनि आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं और आपकी ही राशि के स्वामी भी है, मानसिक रूप से समय तनावपूर्ण रह सकता हैं,आप समस्याओं को समझने में कुछ समय लेंगे,एकदम से निर्णय लेना आपके वश में नहीं होगा और ऐसे में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय आपके हाथ से निकल सकते हैं,परिवार में छोटो का समर्थन करें और भाई बहनों का पूरा सहयोग करें,इससे उनके मन में आपके प्रति प्रेम और विश्वास बढ़ेगा और आपके रिश्ते प्रबल होंगे,व्यापार में उन्नति के योग बनेंगे,विदेशी संपर्कों से आपको लाभ होगा,दांपत्य जीवन में थोड़ा बहुत तनाव हो सकता है लेकिन जीवन साथी और आप दोनों अपनी परिपक्वता दिखाकर समस्याओं से बच सकते हैं.।

मीन राशि -:- मीन राशि में जन्मे जातकों के लिए शनि कुंभ राशि में वक्री होकर द्वादश भाव में रहेंगे जिससे विदेश यात्राओं के योग बनेंगे,खर्चों में बढ़ोतरी होगी लेकिन वह आपके लिए कुछ अच्छे कामों पर हो सकते हैं,स्वास्थ्य का आपको ध्यान रखना पड़ेगा नहीं तो अस्पताल जाने की नौबत आ सकती है, विरोधियों को लेकर आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि शनि आपके विरोधियों को परेशान करके रख देंगे और वह आपके सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे,यह वधि आपके लिए योगकारक ही रहेगी.!

नोट :- अपनी पत्रिका से सम्वन्धित विस्तृत जानकारी अथवा ज्योतिष, अंकज्योतिष,हस्तरेखा, वास्तु एवं याज्ञिक कर्म हेतु सम्पर्क करें.!

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