Gupt Navratri Upay : गुप्तनवरात्रि में करें यह विशेष उपाय,मनोवांक्षित सफलता होगी प्राप्त

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

Gupt Navratri Upay
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Gupt Navratri Upay : जय माता दी………शनिवार 06 जुलाई से सोमवार 15 जुलाई तक गुप्तनवरात्र का पावन समय हैं,इस अवधी में माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है और उन्हें प्रसन्न करने के लिए विभिन्न साधनाएं भी की जाती हैं,नवरात्रि में मनचाही सफलता के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं..!
तंत्र शास्त्र के अनुसार गुप्तनवरात्र में किए गए उपाय जल्दी ही शुभ फल प्रदान कर सकते हैं,धन,नौकरी, स्वास्थ्य,संतान,विवाह,प्रमोशन आदि कई मनोकामनाएं इन 09 दिनों में किए गए उपायों से प्राप्त हो सकती है,अगर आपके मन भी कोई मनोकामना है तो आगे बताए गए उपायों से वह पूरी हो सकती है..!

01- Gupt Navratri Upay : मनपसंद वर के लिए उपाय

गुप्तनवरात्र के दौरान किसी भी दिन अपने आस-पास स्थित किसी शिव मंदिर में जाए,वहां भगवान शिव एवं मां पार्वती पर जल एवं दूध चढ़ाएं और पंचोपचार (चंदन, पुष्प, धूप, दीप एवं नैवेद्य) से उनका पूजन करें,अब मौली (पूजा में उपयोग किया जाने वाला लाल धागा) से उन दोनों के मध्य गठबंधन करें.अब वहां बैठकर लाल चंदन की माला से इस मंत्र का जाप 108 बार करें..!
हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।
इसके बाद तीन महीने तक रोज इसी मंत्र का जाप शिव मंदिर में अथवा अपने घर के पूजाकक्ष में मां पार्वती के सामने 108 बार करें,घर पर भी आपको पंचोपचार पूजा करनी है..!

02- Gupt Navratri Upay : शीघ्र विवाह के लिए उपाय

गुप्तनवरात्र में शिव-पार्वती का एक चित्र अपने पूजास्थल में रखें और उनकी पूजा-अर्चना करने के पश्चात नीचे लिखे मंत्र का 05,09 अथवा 11 माला जाप करें,जाप के बाद भगवान शिव से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें-

मंत्र
ऊँ शं शंकराय सकल-जन्मार्जित-पाप-विध्वंसनाय,
पुरुषार्थ-चतुष्टय-लाभाय च पतिं मे देहि कुरु कुरु स्वाहा।।

03- Gupt Navratri Upay : दांपत्य सुख के लिए उपाय

यदि जीवनसाथी से अनबन होती रहती है तो गुप्तनवरात्र में प्रतिदिन नीचे लिखे मंत्र को पढ़ते हुए 108 बार अग्नि में घी से आहुतियां दें,इससे यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा,अब नित्य सुबह उठकर पूजा के समय इस मंत्र को 21 बार पढ़ें,यदि संभव हो तो अपने जीवनसाथी से भी इस मंत्र का जाप करने के लिए कहें-

सब नर करहिं परस्पर प्रीति।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।

04- Gupt Navratri Upay : धन लाभ के लिए उपाय

गुप्तनवरात्र के दौरान किसी भी दिन सभी कार्यों से निवृत्त होकर उत्तर दिशा की ओर मुख करके पीले आसन पर बैठ जाएं,अपने सामने तेल के 9 दीपक जला लें,ये दीपक साधनाकाल तक जलते रहने चाहिए,दीपक के सामने लाल चावल (चावल को रंग लें) की एक ढेरी बनाएं फिर उस पर एक श्रीयंत्र रखकर उसका कुंकुम,फूल, धूप, तथा दीप से पूजन करें…!

उसके बाद एक प्लेट पर स्वस्तिक बनाकर उसे अपने सामने रखकर उसका पूजन करें,श्रीयंत्र को अपने पूजा स्थल पर स्थापित कर लें और शेष सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें,इस प्रयोग से आपको अचानक धन लाभ होने के योग बन सकते हैं….!

05- Gupt Navratri Upay : मनचाही दुल्हन के लिए उपाय

गुप्तनवरात्र के दौरान जो भी सोमवार आए,उस दिन सुबह किसी शिव मंदिर में जाएं,वहां शिवलिंग पर दूध,दही,घी,शहद और शक्कर चढ़ाते हुए उसे अच्छी तरह से साफ करें,फिर शुद्ध जल चढ़ाएं और पूरे मंदिर में झाड़ू लगाकर उसे साफ करें,अब भगवान शिव की चंदन, पुष्प एवं धूप, दीप आदि से पूजा-अर्चना करें….!
रात 10 बजे बाद अग्नि प्रज्वलित कर ऊँ नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए घी से 108 आहुति दें,अब 40 दिनों तक नित्य इसी मंत्र का पांच माला जाप भगवान शिव के सम्मुख करें.इससे शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूर्ण होने के योग बनेंगे….!

06- Gupt Navratri Upay : इंटरव्यू में सफलता का उपाय

गुप्तनवरात्र में किसी भी दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग का सूती आसन बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके उस पर बैठ जाएं,अब अपने सामने पीला कपड़ा बिछाकर उस पर 108 दानों वाली स्फटिक की माला रख दें और इस पर केसर व इत्र छिड़क कर इसका पूजन करें..!
इसके बाद धूप,दीप और अगरबत्ती दिखाकर नीचे लिखे मंत्र का 31 बार उच्चारण करें,इस प्रकार 11 दिन तक करने से वह माला सिद्ध हो जाएगी,जब भी किसी इंटरव्यू में जाएं तो इस माला को पहन कर जाएं,ये उपाय करने से इंटरव्यू में सफलता की संभावना बढ़ सकती है….!

मंत्र
ऊँ ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा।

07- Gupt Navratri Upay : बरकत बढ़ाने का उपाय

गुप्तनवरात्र में किसी भी दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े में अपने सामने मोती शंख को रखें और उस पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बना दें,इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का जाप करें-

श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:
इस मंत्र का जप स्फटिक माला से ही करें,मंत्रोच्चार के साथ एक-एक चावल इस शंख में डालें,इस बात का ध्यान रखें की चावल टूटे हुए ना हो,इस प्रयोग लगातार नौ दिनों तक करें,इस प्रकार रोज एक माला जाप करें,उन चावलों को एक सफेद रंग के कपड़े की थैली में रखें और 9 दिन के बाद चावल के साथ शंख को भी उस थैली में रखकर तिजोरी में रखें,इस उपाय से घर की बरकत बढ़ सकती है..!

नोट :- ज्योतिष अंकज्योतिष वास्तु रत्न रुद्राक्ष एवं व्रत त्यौहार से सम्बंधित अधिक जानकारी ‘श्री वैदिक ज्योतिष एवं वास्तु सदन’ द्वारा समर्पित ‘Astro Dev’ YouTube Channel & www.vaidicjyotish.com & Facebook Pages पर प्राप्त कर सकते हैं.II

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