Shani Vakri 2024: शनि ग्रह वक्री और राशियों पर प्रभाव

'ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री'

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श्री गणेशाय नमः…कुंभ राशि पर गोचर करते हुए सूर्यसुत शिवभक्त नवग्रहों में न्यायधीश दंडाधिकारी शनि ग्रह 11/12 फरवरी को 29 बजकर 26 मिनट पर अस्त हो रहे हैं,अस्त रहने के बाद 17 मार्च 2024 को कुंभ राशि में ही उदय होंगे,वहीं 29 जून 2024 को शनिदेव वक्री हो जाएंगे,अस्त होने और वक्री होने की वजह से साल 2024 में कुछ राशि वालों की किस्मत चमक सकती है,इन राशि वालों के जीवन में धन लाभ और सफलता प्राप्ति के योग बन रहे हैं,30 वर्षों से भी अधिक अवधी का ज्योतिष के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले “ज्योतिर्विद डी डी शास्त्री” जी से जानिए शनि ग्रह के अस्त होने से सभी राशियों कैसा रहेगा प्रभाव:-

मेष राशि -: राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव आय के साधन तो बढ़ाएंगे ही कार्यक्षेत्र का विस्तार भी करेंगे,नए लोगों से मेलजोल बढ़ेगा,उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे किंतु परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से मत भिन्नता रहेगी,संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है,प्रेम संबंधी मामलों में भी उदासीनता रहेगी,प्रतियोगी छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे.!

वृषभ राशि -: राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए अस्त शनि कार्यक्षेत्र का विस्तार तो करेंगे किंतु अति व्यस्तता के कारण शारीरिक थकान का सामना भी करना पड़ेगा,माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें,योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे,किसी कारणवश कार्य संपन्न होने में थोड़ा समय लगे तो परेशान न हों,जमीन-जायदाद संबंधी विवाद हल होंगे। वाहन के क्रय का भी योग बन रहा है.!

मिथुन राशि -: राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव का फल शुभ ही रहेगा,धर्म और अध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी,लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी,छोटे भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें,धार्मिक ट्रस्टों तथा अनाथालय आदि में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य करेंगे,माता-पिता से रिश्ते बिगड़ने न दें,यात्रा देशाटन का लाभ मिलेगा,विदेशी कंपनियों में सर्विस एवं नागरिकता के लिए प्रयास भी सफल रहेगा.!

कर्क राशि -: राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता,स्वास्थ्य के प्रति अति सावधान रहने की आवश्यकता है,कार्यक्षेत्र में भी षड्यंत्र का शिकार होने से बचें,पैतृक संपत्ति संबंधी विवाद गहरा सकता है,किसी भी तरह के झगड़े-विवाद को कोर्ट कचहरी से बाहर ही सुलझा लेना समझदारी रहेगी,आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं सावधान रहें.!

सिंह राशि -: राशि से सप्तम दांपत्य भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव वैवाहिक वार्ता में थोड़ा और विलंब लाएंगे,ससुराल पक्ष से रिश्ते बिगड़ने न दें,साझा व्यापार करने से दूर रहें,केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्यों में थोड़ा और विलंब होगा,इस अवधि में आपके धैर्य और संयम की परम आवश्यकता है,विवादों से दूर रहें और कोर्ट-कचहरी से संबंधित मामले भी बाहर ही सुलझाएं, स्वास्थ्य विशेषकर के जोड़ों में दर्द से सावधान रहें.!

कन्या राशि -: राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है,कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाहें,नया व्यापार करना चाहें अथवा किसी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो यह अवसर उत्तम रहेगा,ननिहाल पक्ष से किसी अप्रिय समाचार का सामना करना पड़ सकता है,कष्टकारक यात्रा भी करनी पड़ सकती है। इस अवधि के मध्य अधिक कर्ज के लेन-देन से बचें.!

तुला राशि -: राशि से पंचम विद्या भावमें गोचर करते हुए अस्त शनिदेव का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा,कार्य व्यापार की दृष्टि से तो समय उत्तम रहेगा किंतु प्रेमसंबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी,प्रेम विवाह में भी अड़चन आ सकती हैं,विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए और प्रयास करने होंगे,परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से मतभेद बनने न दें,शीर्ष नेतृत्व से भी सहयोग के योग हैं.!

वृश्चिक राशि -: राशि चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव मित्रों तथा संबंधियों से अप्रिय समाचार का सामना करवा सकते हैं,जो कार्य सहजता से हो जाने चाहिए थे उसमें थोड़ा और संघर्स तथा विलंब होगा,यात्रा सावधानीपूर्वक करें। सामान चोरी होने से बचाएं,जमीन जायदाद से जुड़े मामले हल होंगे,माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें,सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना हो तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा.!

धनु राशि -: राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव बेहतरीन सफलता दिलाएंगे,साहस पराक्रम की वृद्धि तो होगी ही लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी, अपनी ऊर्जाशक्ति के बलपर कठिन परिस्थितियों पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे,आध्यात्मिक विकास होगा,विदेश यात्रा का भी योग बनेगा,किसी दूसरे देश के लिए वीजा आदि का आवेदन करना हो तो उस दृष्टि से भी ग्रह गोचर अनुकूल रहेगा.!

मकर राशि -; राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव कई तरह के अप्रत्याशित आर्थिक लाभ दिला सकते हैं,काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद,व्यापारिक पक्ष मजबूत रहेगा किंतु कहीं न कहीं पारिवारिक कलह और मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है,स्वास्थ्य विशेष करके दाहिनी आंख से संबंधित समस्या से सावधान रहें.व्यर्थ विवादों से दूर ही रहें। संपत्ति संबंधी विवाद आपस में सुलझाएं.!

कुंभ राशि -: अपनी ही राशि में गोचर करते हुए अस्त शनिदेव सामान्य फल कारक ही रहेंगे, अत्यधिक खर्च के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है,वैवाहिक वार्ता में थोड़ा और समय रहेगा किंतु कार्य व्यापार की दृष्टि से समय अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा,किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी ग्रह-गोचर अनुकूल रहेगा,अपने आवेश को नियंत्रित रखते हुए कार्य करेंगे तो अधिक सफल रहेंगे.!

मीन राशि -: राशि से बारहवें व्यय भाव में गोचर करते हुए अस्त शनि देव का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता इसलिए हर कार्य तथा निर्णय बहुत सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता है, भावनाओं में बहकर लिया गया निर्णय नुकसानदेय सिद्ध होगा,यात्रा सावधानीपूर्वक करें,वाहन दुर्घटना से बचें,इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन भी उधार के रूप में न दें अन्यथा वहां भी आर्थिक रूप से नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.।

नोट :- ज्योतिष अंकज्योतिष वास्तु रत्न रुद्राक्ष एवं व्रत त्यौहार से सम्बंधित अधिक जानकारी ‘श्री वैदिक ज्योतिष एवं वास्तु सदन’ द्वारा समर्पित ‘Astro Dev’ YouTube Channel & www.vaidicjyotish.com & Facebook पर प्राप्त कर सकते हैं.!

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